Polyphase क्या होता है? | Polyphase System in Hindi

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Polyphase एक ऐसी विद्युत प्रणाली होती है जिसमें दो या दो से अधिक AC वोल्टेज तरंगें (phases) एक निश्चित कोण (phase difference) के साथ सप्लाई की जाती हैं। इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य अधिक शक्ति को स्थिर, कुशल और सुरक्षित तरीके से ट्रांसमिट करना होता है। Polyphase सिस्टम का सबसे आम उदाहरण Three Phase System है, जिसका उपयोग इंडस्ट्री, मोटर, जनरेटर और भारी मशीनों में किया जाता है। इसकी मदद से बिजली की हानि कम होती है और उपकरण अधिक स्मूथ तथा अधिक पावर के साथ कार्य करते हैं।

Yeh Polyphase System Showing Single Phase & Three Phase Power Diagram


बहुफेज की परिभाषा (Polyphase Definition)


Polyphase वह विद्युत प्रणाली होती है जिसमें दो या दो से अधिक AC फेज (Phases) एक निश्चित फेज अंतर (Phase Difference) के साथ एक साथ सप्लाई किए जाते हैं।

"दो या दो से अधिक फेज की सप्लाई को बहुफेज कहा जाता है।" पॉलिफेज (Polyphase) दो शब्दों (पॉली) Poly और (फेज) Phase से मिलकर बना है, पॉली का अर्थ होता है बहुत (many) और फेज का अर्थ होता है वाइंडिंग (winding) या सर्किट।
वास्तव में बहुफेज के रूप में थ्री फेज सप्लाई का प्रयोग सबसे ज्यादा किया जाता है परंतु वास्तव में आउटपुट के आधार पर या परिपथ के प्रयोग के आधार पर कितने भी फेज का उपयोग लिया जा सकता है। जैसे- मरकरी आर्क रेक्टिफायर से अधिकतम पावर लेने के लिए उसे 6 फेज या 12 फेज पर ऑपरेट किया जाता है। इसी प्रकार रोटरी कन्वर्टर 6 फेज पर।

📑 Table of Contents



Polyphase Kya Hota Hai



भारत में सप्लाई प्रणाली (Supply System In India)


1. एक फेज (Single Phase): एक फेज प्रणाली में 2 तार (फेज और न्यूट्रल) होता है। इसे 240 वोल्ट 50Hz आवृति (240V, 50Hz) पर प्रयोग किया जाता है। सामान्यतः इसे सिंगल फेज लाइटिंग (Lighting) और पावर लोड (Power Load) में प्रयोग किया जाता है।

2. थ्री फेज (Three Phase): थ्री फेज प्रणाली में 3 तार (3 फेज लाल, पीला, नीला) होता है। इसे 415 वोल्ट 50Hz आवृति (415V, 50Hz) पर प्रयोग किया जाता है। सामान्यतः इसे थ्री फेज बैलेंस लोड (balance load) के रूप में प्रयोग किया जाता है।

Theoretical (सैद्धांतिक) 3Φ = 420V, 433V, 440V, 415V और 50Hz होता है।

Practical (प्रैटिकल) 3Φ = 433V, 50Hz

3. थ्री फेज (Three Phase): इसमें 4 तार (3 फेज और 1 न्यूट्रल) होता है। इसे 415 वोल्ट 50Hz (415V, 50Hz) पर प्रयोग किया जाता है। इसे भारत में पावर सप्लाई मानक (India Standard Power Supply) माना जाता है।

नोट— थ्री फेज बैलेंस लोड का सबसे अच्छा उदाहरण थ्री फेज का इंडक्शन मोटर (Induction Motor) होता है।

सिंगल फेज और थ्री फेज में अंतर (Difference between Single & Polyphase)


1. मोटर (Motor)

(A) टॉर्क (Torque): सिंगल फेज मोटर का टॉर्क पल्सेटिंग (Pulsating) होता है जबकि थ्री फेज मोटर का स्मूथ (Smooth) होता है।

(B) मैग्नेटिक फिल्ड (Magnetic Field): सिंगल फेज मोटर का मैग्नेटिक फिल्ड पल्सेटिंग (Pulsating) होता है जबकि थ्री फेज मोटर का मैग्नेटिक फिल्ड रोटेटिंग (Rotating) होता है।l

(C) सेल्फ स्टार्ट (Self Start): सिंगल फेज मोटर सेल्फ स्टार्ट नही होती जबकि थ्री फेज मोटर सेल्फ स्टार्ट होती है।

(D) पावर फेक्टर (Power Factor): सिंगल फेज मोटर का पावर फेक्टर थ्री फेज मोटर से कम होता है।

(E) दक्षता (Efficiency): सिंगल फेज मोटर की दक्षता थ्री फेज मोटर से कम होती है।

2. प्रेषण (Transmission): सिंगल फेज का ट्रांसमिशन थ्री फेज के ट्रांसमिशन से महगा होता है। अर्थात थ्री फेज का ट्रांसमिशन सस्ता होता है।

3. ट्रांसफार्मर/अल्टरनेटर (Transformer/Alternator): सिंगल फेज समान्तर में संयोजित नहीं किए जाते है जबकि थ्री फेज का समान्तर संयोजन आसान होता है।

बहुफेज से सम्बंधित परिभाषाए (Short Term Related to Polyphase)


1. फेज वोल्टेज (Phase Voltage): एक फेज और एक न्यूट्रल के बीच मापी गई वोल्टेज को फेज वोल्टेज कहा जाता है इसे Vp या Ep से दर्शाते है।

भारत में फेज वोल्टेज का मान 250V है।

फेज वोल्टेज = 1 फेज/लाइन/लाइव + 1 न्यूट्रल

2. लाइन वोल्टेज (Line Voltage): दो फेजो के बीच मापा गया वोल्टेज लाइन वोल्टेज कहलाता है। लाइन वोल्टेज लाइन टू लाइन (Line to Line) फेज टू फेज (Phase to Phase) मापा जाता है। लाइन वोल्टेज को VL या EL से दर्शाते है।

भारत में लाइन वोल्टेज का मान 415V से माना जाता है।

लाइन वोल्टेज = लाइन टू लाइन या 2लाइव वायर के बीच या फेज टू फेज

3. फेज करेंट (Phase Current): किसी एक वाइंडिंग या एक फेज की धारा को फेज करेंट कहा जाता है। इसे Ip से दर्शाते है।

4. लाइन करेंट (Line Current): किसी भी दो वाइंडिंग या दो फेज के बीच की करेंट को लाइन करेंट कहा जाता है। इसे IL से दर्शाते है।

5. बैलेंस लोड (Balance Load): तीनो फेजों की शक्ति एक समान हो अर्थात तीनो फेजों की सभी शर्ते समान हो (करेंट I, प्रतिरोध R, प्रतिबाधा Z, पावर फेक्टर CosΦ, वास्तविक शक्ति) तो उसे बैलेंस लोड कहा जाता है।

6. अनबैलेंस लोड (Unbalance Load): तीनो फेजों की शक्ति एक समान न होने पर उसे अनबैलेंस लोड कहा जाता है।

थ्री फेज या बहुफेज (Polyphase) की विशेषताएं


1. सभी फेज वोल्टेज की आवृति (Frequency) एक समान होती है।
2. सभी फेज (3Φ) की वोल्टेज का शिखर मान एक समान होता है।
3. तीनो फेज परस्पर 120° पर स्थापित होते है।
4. तीनो फेज में 1/3 आवर्तकाल होता है।
5. किसी भी क्षण तीनो फेजों के तात्कालिक मान/क्षणिक मान का कुल योग सदैव शून्य होता है।
6. तीनो फेजों में एक फेज सदैव विपरीत दिशा में होता है।

Polyphase – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)


1. पॉलीफेज सिस्टम क्या होता है?
पॉलीफेज सिस्टम वह AC विद्युत प्रणाली होती है जिसमें दो या उससे अधिक फेज होते हैं। सबसे अधिक उपयोग होने वाला पॉलीफेज सिस्टम तीन-फेज (3-Phase) होता है।

2. सिंगल फेज और पॉलीफेज में क्या अंतर है?
सिंगल फेज में केवल एक AC सप्लाई होती है, जबकि पॉलीफेज में कई फेज होते हैं। पॉलीफेज सिस्टम अधिक स्थिर और शक्तिशाली बिजली देता है।

3. पॉलीफेज सप्लाई कहाँ उपयोग होती है?
पॉलीफेज सप्लाई फैक्ट्रियों, इंडस्ट्री, मोटर, लिफ्ट, बड़े AC प्लांट और भारी मशीनों में उपयोग होती है।

4. तीन-फेज को पॉलीफेज क्यों कहते हैं?
तीन-फेज में तीन अलग-अलग AC वेव होती हैं जो 120° के कोण पर होती हैं, इसलिए इसे पॉलीफेज सिस्टम कहा जाता है।

5. पॉलीफेज सिस्टम के क्या फायदे हैं?
पॉलीफेज सिस्टम के निम्नलिखित फायदे है—
बिजली की सप्लाई स्मूद रहती है।
मोटर ज्यादा अच्छे से चलती है।
पावर लॉस कम होता है।
भारी लोड आसानी से चलता है।

निष्कर्ष (Conclusion)


पॉलीफेज सिस्टम, खासकर तीन-फेज सिस्टम, आज की आधुनिक विद्युत व्यवस्था की रीढ़ है। यह प्रणाली ज्यादा स्थिर, शक्तिशाली और प्रभावी होती है, इसलिए फैक्ट्रियों और बड़ी मशीनों में इसका अधिक उपयोग किया जाता है। यदि आप इलेक्ट्रिकल क्षेत्र से जुड़े हैं या इसे सीख रहे हैं, तो पॉलीफेज सिस्टम को समझना बहुत जरूरी है।

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