Active & Passive Electronic Components with IC – Hindi Guide

2
Electronic Components किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की बुनियादी इकाइयाँ होती हैं, जिनकी मदद से बिजली को नियंत्रित, परिवर्तित और उपयोग किया जाता है। मोबाइल फोन, टीवी, कंप्यूटर, इन्वर्टर, सोलर सिस्टम, चार्जर और सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इन्हीं कंपोनेंट्स से बने होते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक घटकों को उनके कार्य के आधार पर मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जाता है – Active Components, Passive Components।
Active Components वे होते हैं जो सिग्नल को बढ़ा सकते हैं या नियंत्रित कर सकते हैं, जैसे ट्रांजिस्टर और डायोड। Passive Components वे होते हैं जो ऊर्जा को केवल स्टोर या नियंत्रित करते हैं, जैसे रेसिस्टर, कैपेसिटर और इंडक्टर।
ITI, Polytechnic, Electronics Technician और Electrical Engineering से जुड़े छात्रों के लिए Electronic Components की सही जानकारी होना बहुत जरूरी है, क्योंकि सभी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट इन्हीं पर आधारित होते हैं। इस लेख में हम एक्टिव कंपोनेंट, पैसिव कंपोनेंट और IC के बारे में जानेंगे।

Electronics Components क्या होते हैं?


Electronic Components किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और डिवाइस की बुनियादी इकाइयाँ होती हैं। मोबाइल फोन, टेलीविजन, रेडियो, कंप्यूटर, इन्वर्टर, सोलर सिस्टम, मोबाइल चार्जर और सभी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इन्हीं कंपोनेंट्स से बनते हैं। ये कंपोनेंट्स विद्युत धारा (Electric Current) को नियंत्रित करने, सिग्नल को बढ़ाने, ऊर्जा को संग्रहित करने और उपकरणों को सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को उनके कार्य के आधार पर मुख्य रूप से Active Components और Passive Components में वर्गीकृत किया जाता है। वहीं आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में Integrated Circuit (IC) का उपयोग बहुत बढ़ गया है, जिसमें कई Active और Passive components को एक छोटी-सी चिप में जोड़ा जाता है। इसलिए आज IC को भी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का एक महत्वपूर्ण भाग माना जाता है।

"किसी इलेक्ट्रॉनिक परिपथ को बनाने में विभिन्न घटकों (Components) का प्रयोग होता है जिसे इलेक्ट्रॉनिक घटक कहा जाता है।"
जैसे– प्रेरक, प्रतिरोध, संधारित्र, डायोड, ट्रांजिस्टर, इत्यादि।

Electronics Components
Electronics Components

इलेक्ट्रॉनिक घटकों को उनके कार्य के आधार पर दो वर्गों में विभाजित किया जाता है जिसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।
1. सक्रिय घटक (Active Components)
2. निष्क्रिय घटक (Passive Components)

सक्रिय घटक क्या होते है? (Active Components)


Active Components वे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स होते हैं जो सर्किट में energy को control, amplify या switch कर सकते हैं। इन कंपोनेंट्स को काम करने के लिए external power supply की आवश्यकता होती है। Active Components का मुख्य कार्य electrical signal को बढ़ाना (amplify करना), नियंत्रित करना और दिशा बदलना होता है।
बिना Active Components के कोई भी electronic circuit सही तरीके से काम नहीं कर सकता, क्योंकि ये ही components signal processing और power control का कार्य करते हैं। Amplifier, Oscillator, Switching Circuit, Power Supply जैसे सभी सर्किट Active Components पर आधारित होते हैं।

"सक्रिय घटक उन्हे कहा जाता हैं जो परिपथ में सिग्नल का वोल्टेज (Voltage) अथवा शक्ति प्रवर्धन (Power amplification) कर सकते हैं तथा सिग्नल की प्रोसेसिंग (Processing) कर सकते हैं।"
जैसे: डायोड, ट्रांजिस्टर, एलईडी (LED), BJT, UJT, FET, अन्य अर्धचालक युक्तियां सक्रिय घटक होती है।

Active Components की जानकारी उदाहरण सहित:

कुछ प्रमुख Active Components इस प्रकार हैं:
Transistor – सिग्नल को बढ़ाने (amplification) और switching के लिए काम में लिया जाता है।
Diode – करंट को एक दिशा में बहने देने के लिए उपयोग किया जाता है।
SCR, TRIAC, DIAC – AC power control के लिए।
Op-Amp – Signal amplification के लिए।

निष्क्रिय घटक क्या होते हैं? (Passive Components)


Passive Components वे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स होते हैं जो सर्किट में energy को store, limit या filter करते हैं, लेकिन signal को amplify नहीं कर सकते। इन कंपोनेंट्स को काम करने के लिए किसी external power supply की आवश्यकता नहीं होती। ये केवल सर्किट में बहने वाली बिजली पर प्रतिक्रिया करते हैं।
Passive Components का मुख्य काम current को नियंत्रित करना, voltage को स्थिर रखना, energy को संग्रहित करना और noise को कम करना होता है। किसी भी electronic circuit को stable और safe बनाने में इनकी बहुत बड़ी भूमिका होती है।

"ऐसे घटक जो स्वयं विद्युत का प्रवर्धन (Amplification) नहीं कर सकते, निष्क्रिय घटक कहलाते हैं। किन्तु निष्क्रिय घटक महत्वपूर्ण इसलिए होते हैं क्योंकि सक्रिय घटक इनकी सहायता के बिना सिग्नल का प्रवर्धन (Amplification) नहीं कर सकते हैं।"
जैसे: प्रतिरोध, प्रेरक, संधारित्र, पेपर संधारित्र, प्रीसैट, पोटेंशियोमीटर, रेडियो आवृत्ति चोक, परिणामित्र।

Passive Components की जानकारी उदाहरण सहित:

कुछ प्रमुख Passive Components इस प्रकार हैं:
Resistor – करंट को सीमित करने के लिए ज्यादातर उपयोग होता है।
Capacitor – बिजली (charge) को स्टोर करने के लिए उपयोग में लिया जाता है।
Inductor – Magnetic field में energy स्टोर करने के लिए।
Transformer – AC voltage को बढ़ाने या घटाने के लिए उपयोगी।
Potentiometer – Variable resistance के लिए।

इलेक्ट्रॉनिक युक्तियां (Electronic Devices)— इलेक्ट्रॉनिक घटकों का प्रयोग करके ही विभिन्न प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक युक्तियां बनाई जाती है। नीचे कुछ इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों के उदाहरण दिए गए है।

1. दिष्टकारी (Rectifier)— रेक्टिफायर एक ऐसी युक्ति होती है जो ए.सी. (अल्टरनेटिंग करेंट/Alternating Current) को डी.सी. (डायरेक्ट करेंट/Direct Current) में परिवर्तित करती है, इसलिए रेक्टिफायर का प्रयोग ए.सी. को डी.सी. में बदलने के लिए प्रयोग किया जाता है।

2. प्रवर्धक (Amplifier)— किसी सिग्नल का स्तर (Level) अर्थात वोल्टेज या शक्ति स्तर बढ़ाने वाली युक्ति को प्रवर्धक कहते हैं।

3. माड्यूलेटर तथा डेमाड्यूलेटर (Modulator & Demodulator)— संचार प्रणाली में यदि सिग्नल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है तो सिग्नल को भेजने से पहले उसे माड्यूलेटर द्वारा माड्यूलेट तथा सिग्नल को रिसीव करने के पश्चात उसका डिमाडुलेशन किया जाता है।

4. दोलित्र (Oscillator/ऑसिलेटर)— दोलित्र के द्वारा वांछित आवृत्ति (Desired Frequencies) की विद्युत तरंग उत्पन्न की जाती है।

इंटीग्रेटिड परिपथ क्या होता है? (Integrated Circuit or IC)— एक इंटीग्रेटेड सर्किट (I.C) वह सम्पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक परिपथ है जिसमें सक्रिय और निष्क्रिय घटकों को एक बहुत पतली सिलिकॉन परत (Silicon Wafer) पर बनाया जाता है। याद रखे की I.C में प्रेरक को नही बनाया जा सकता है।

Integrated Circuit or I.C



इंटीग्रेटिड परिपथ का लाभ— इंटीग्रेटिड परिपथ का निम्न लाभ होता है–
1. इंटीग्रेटिड परिपथ का अत्यधिक सूक्ष्म आकार होता है।
2. इंटीग्रेटिड परिपथ का भार बहुत कम होता है।
3. इंटीग्रेटिड परिपथ की कीमत कम होती है अर्थात यह सस्ता होता है।
4. इंटीग्रेटिड परिपथ विश्वसनीयता उच्च होती है।
5. इंटीग्रेटिड परिपथ कम पावर व्यय करता है तथा अच्छी प्रकार से कार्य करता है।
6. एक छोटी सी चिप पर हजारों घटक बनाए जा सकते हैं आई.सी. के छोटे होने के कारण ही वर्तमान में प्रयुक्त होने वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बहुत छोटे आकार के हो गए हैं। जैसे– रेडियो, मोबाइल फोन, पर्सनल कंप्यूटर, माइक्रो कंप्यूटर, प्रिंटर, कंट्रोल मशीन, सिलाई मशीन, म्यूजिकल उपकरण, एफएम रेडियो, वीडियो गेम इलेक्ट्रॉनिक खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक ताले इत्यादि।
आई सी के अभिकल्पन तथा निर्माण को माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स (Microelectronics) कहा जाता है।

Post a Comment

2 Comments

Please do not enter any spam link in the comment box. All the comments are Reviewed by Admin.

Post a Comment

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top