विद्युत सर्किट
बन्द एवम् पूर्ण मार्ग (closed and complete path) जिसमे धारा बिना किसी दोष के प्रवाहित हो रही हो या हो सकती है सर्किट कहलाता है।
एक सर्किट (विद्युत परिपथ) बनाने के लिए 5 उपकरणों की आवश्यकता होती है।
A. सप्लाई स्रोत (Supply Source)
B. चालक (Conductor)
C. लोड (Load or Consuming Device)
D. कन्ट्रोल (Control Switch)
E. प्रोटेक्शन (Protection)
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| Electrical circuit and it's types |
याद रखे: धारा चालन के लिए न्यूनतम आवश्यकता सप्लाई स्रोत और चालक की होती है।
1. सप्लाई स्रोत: एक विद्युत सर्किट बनाने के लिए मुख्य अवयव के रूप में सप्लाई स्रोत को लिया जाता है।
2. चालक: विद्युत सर्किट बनाने के लिए हमे एक चालक (तार या केबल जिसमे से विद्युत धारा प्रवाहित हो सके) की आवश्यकता होती है। चालक तार के रूप में सबसे ज्यादा तांबे के तार का प्रयोग किया जाता है।
3. लोड: एक विद्युत सर्किट बनाने के लिए लोड की आवश्यकता होती है, लोड के माध्यम से ही विद्युत धारा की खपत होती है यह एक तरह से consuming device होती है जिसकी वजह से एक सर्किट में विद्युत धारा की खपत होती है जैसे– फैन, लाइट, टीवी, मोटर इत्यादि।
4. कन्ट्रोल: एक सर्किट में विद्युत धारा आपूर्ति को नियंत्रित (control) करने के लिए भी उपकरण लगाना जरूरी होता है।
5. प्रोटेक्शन: विद्युत सर्किट में प्रोटेक्शन युक्ति लगाना बहुत जरूरी होता है। यह सर्किट में लगे उपकरण को खराब होने से या जलने से बचाता है। इसलिए एक सर्किट का यह मुख्य भाग माना जा सकता है। प्रोटेक्शन युक्ति के रूप में फ्यूज (fuse), रिले (relay), सर्किट ब्रेकर (circuit breakar) इत्यादि का प्रयोग किया जाता है।
विद्युत परिपथ के प्रकार (Types of Electric Circuit)
विद्युत परिपथ सामान्यतः 4 प्रकार के होते है।
1. बंद परिपथ (Close Circuit)
2. खुला परिपथ (Open Circuit)
3. शॉर्ट सर्किट (Short Circuit)
4. लीकेज धारा (Leakage Circuit)
बन्द परिपथ किसे कहते है? (Close Circuit): वह सर्किट जिसमें कोई दोष (fault) नहीं होता है, तथा धारा का प्रवाह आसानी से हो रहा होता है उसे पूर्ण परिपथ या बन्द परिपथ कहते हैं।
पूर्ण दक्षता के साथ कार्यरत उपकरण पूर्ण परिपथ कहलाता है। जैसे— स्विच ऑन करने पर मोटर का चलना, स्विच ऑन करने पर पंखा का चलना, स्विच ऑन करने पर बल्ब का जल जाना इत्यादि।
बंद परिपथ में प्रतिरोध (resistnce) स्थिर रहता है, तथा करंट वोल्टेज के समानुपाती होता है।
खुला परिपथ किसे कहते है? (Open Circuit): वह सर्किट जिसमें धारा का प्रवाह नहीं हो रहा होता है, ओपन सर्किट कहलाता है। ओपन सर्किट में धारा का मान शून्य (0) माना जाता है। ओपन सर्किट में करंट का मान शून्य तथा प्रतिरोध अनंत (∞) होता है, तथा वोल्टेज उच्चतम (maximum) होती है अर्थात जितना वोल्टेज दिया जाता है उतना ही होता है। यानी की सप्लाई के बराबर वोल्टेज होती है।
परिपथ में ओपन टर्मिनल पर सदैव सप्लाई के बराबर वोल्टेज होती है।
करंट और प्रतिरोध एक दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती होता है। सबसे ज्यादा विद्युत का झटका ओपन सर्किट (open circuit) पर ही लगता है।
शॉर्ट परिपथ किसे कहते हैं? (Short Circuit): वह सर्किट जिसमें लोड बाईपास (bypass) हो जाता है, अर्थात लोड सर्किट से बाहर हो जाता है। ऐसा परिपथ करंट के लिए विरोध प्रस्तुत नहीं करता है।
शॉर्ट सर्किट में प्रतिरोध का मान शून्य तथा धारा अनंत बहती है। तथा वोल्टेज का मान शून्य होता है।
लीकेज परिपथ (Leakage Circuit): ऐसी सर्किट जिसमें लोड को धारा तो मिलती है परन्तु बहुत कम लीकेज परिपथ कहलाता है।
इस सर्किट में धारा कहीं और भी लीक (leak) हो रही होती है, लीकेज सर्किट कहलाता है। यह मेटल (धातु), बॉडी वाले उपकरण जैसे– कूलर, पंखे, मोटर, फ्रिज इत्यादि से।
करंट लीकेज होने पर उपकरण पूर्व दक्षता के साथ कार्य नहीं करता है। तथा यह मानव जीवन के लिए खतरनाक भी होती है।


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