DRAB क्या होता है? First Aid में इसके 4 महत्वपूर्ण चरण

0
‎प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) वह तुरंत दी जाने वाली सहायता है, जो किसी व्यक्ति को चोट लगने, दुर्घटना होने या अचानक बीमार पड़ने पर डॉक्टर के पास पहुँचने से पहले दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य घायल व्यक्ति की जान बचाना, दर्द कम करना और उसकी स्थिति को बिगड़ने से रोकना होता है। प्राथमिक चिकित्सा साधारण तरीकों और उपलब्ध साधनों से दी जाती है, जैसे– घाव पर पट्टी बांधना, खून बहना रोकना, बेहोश व्यक्ति को संभालना आदि।

‎आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार का महत्व


‎आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार (First Aid) किसी घायल या बीमार व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। दुर्घटना, चोट, जलन, बेहोशी या दिल का दौरा जैसी परिस्थितियों में तुरंत दिया गया प्राथमिक उपचार व्यक्ति की जान बचाने और उसकी हालत को बिगड़ने से रोकने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्राथमिक उपचार का मुख्य उद्देश्य घायल व्यक्ति को तुरंत राहत देना, दर्द कम करना, रक्तस्राव रोकना और संक्रमण से बचाव करना होता है। सही समय पर की गई छोटी-सी मदद भी गंभीर नुकसान को टाल सकती है। कई बार एंबुलेंस या डॉक्टर के पहुँचने में समय लग जाता है, ऐसे में प्राथमिक उपचार ही पहला और सबसे जरूरी सहारा बनता है।
इसके अलावा, प्राथमिक उपचार से मरीज को मानसिक सहारा भी मिलता है और घबराहट कम होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार की बुनियादी जानकारी होना बहुत आवश्यक है, ताकि आपातकालीन स्थिति में सही कदम उठाए जा सकें।

‎DRAB की संक्षिप्त जानकारी

DRAB प्राथमिक उपचार में उपयोग की जाने वाली एक सरल और प्रभावी तकनीक है, जिसका उद्देश्य किसी आपातकालीन स्थिति में घायल व्यक्ति की प्रारंभिक जाँच और तुरंत सहायता करना होता है। DRAB एक संक्षिप्त रूप (Acronym) है, जिसमें चार महत्वपूर्ण चरण शामिल होते हैं—Danger, Response, Airway और Breathing। इन चरणों का सही क्रम में पालन करके यह सुनिश्चित किया जाता है कि घायल व्यक्ति सुरक्षित हो, होश में हो, उसकी श्वासनली खुली हो और वह सही ढंग से साँस ले रहा हो। DRAB प्रक्रिया प्राथमिक उपचार की पहली और सबसे जरूरी कड़ी मानी जाती है, जो किसी व्यक्ति की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

First Aid DRAB all 4 step process complete guide



‎DRAB का अर्थ (Meaning of DRAB)


DRAB प्राथमिक चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण नियम है, जिसका उपयोग किसी आपातकालीन स्थिति में घायल व्यक्ति की जाँच और सहायता करने के लिए किया जाता है। इसका पूरा अर्थ इस प्रकार है:

D – Danger (खतरा):
सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि घटनास्थल पर कोई खतरा तो नहीं है। अपनी और घायल व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करें, ताकि स्थिति और खराब न हो।

R – Response (प्रतिक्रिया):
घायल व्यक्ति से बात करके या हल्का हिलाकर यह जाँचें कि वह होश में है या नहीं। यदि व्यक्ति प्रतिक्रिया देता है तो उसे आश्वस्त करें।

A – Airway (श्वासनली):
यह सुनिश्चित करें कि व्यक्ति की श्वासनली खुली हुई हो। मुंह या गले में कोई रुकावट हो तो उसे सावधानी से हटाएँ।

B – Breathing (साँस लेना):
देखें कि व्यक्ति सही तरीके से साँस ले रहा है या नहीं। यदि साँस नहीं चल रही हो तो तुरंत कृत्रिम श्वसन (CPR) शुरू करें।

DRAB का सही तरीके से पालन करने से प्राथमिक उपचार अधिक प्रभावी बनता है और घायल व्यक्ति की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है।

📑 Table of Contents


DRAB First Aid Steps


‎DRAB का फुल फॉर्म


DRAB प्राथमिक उपचार में प्रयोग होने वाला एक महत्वपूर्ण नियम है। इसका पूरा नाम D – Danger, R – Response, A – Airway, B – Breathing है। यह तरीका आपातकालीन स्थिति में घायल व्यक्ति की सुरक्षा, होश, श्वसन मार्ग और साँस की जाँच करने के सही क्रम को बताता है, जिससे तुरंत प्रभावी सहायता दी जा सके।
‎D – Danger
‎R – Response
‎A – Airway
‎B – Breathing

‎DRAB का महत्व (Importance of DRAB)

‎DRAB एक प्राथमिक उपचार (First Aid) की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका उपयोग किसी व्यक्ति की आपातकालीन स्थिति में सही और सुरक्षित ढंग से सहायता करने के लिए किया जाता है। DRAB का अर्थ है—Danger, Response, Airway और Breathing, जो उपचार के सही क्रम को दर्शाता है। इस प्रक्रिया का पालन करने से दुर्घटना या अचानक बेहोशी की स्थिति में पीड़ित और सहायता करने वाले दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। DRAB विशेष रूप से जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह सबसे पहले खतरे की पहचान, पीड़ित की प्रतिक्रिया, श्वास मार्ग की जाँच और साँस लेने की स्थिति को परखने पर जोर देता है। बेहोश व्यक्ति के उपचार में DRAB का सही उपयोग समय पर और प्रभावी सहायता प्रदान करता है, जिससे गंभीर परिणामों को रोका जा सकता है।

‎DRAB के चार प्रमुख चरणों का विवरण


DRAB प्राथमिक उपचार की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी आपात स्थिति में पीड़ित की जान बचाना है। इसका पहला और सबसे अहम चरण Danger (खतरे की जाँच) होता है, क्योंकि जब तक स्थान सुरक्षित नहीं होगा, तब तक मदद करना भी जोखिम भरा हो सकता है।
(A) Danger – खतरे की जाँच
DRAB का पहला चरण Danger होता है, जिसमें घटनास्थल को सुरक्षित बनाया जाता है। प्राथमिक उपचार देने से पहले स्वयं और पीड़ित को बिजली, आग, ट्रैफिक या अन्य संभावित खतरों से बचाना आवश्यक होता है।

घटनास्थल को सुरक्षित बनाना
सबसे पहले घटनास्थल का ध्यानपूर्वक निरीक्षण करें। यह देखें कि आसपास कोई ऐसा खतरा तो नहीं है जो मदद करने वाले या पीड़ित दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
• सड़क पर दुर्घटना हो तो आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखें।
• आसपास गिरे हुए तार, टूटा कांच या फिसलन वाली जगह की पहचान करें।
स्वयं और पीड़ित की सुरक्षा
प्राथमिक उपचार देने से पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
• यदि आप सुरक्षित रहेंगे तभी पीड़ित की मदद कर पाएंगे।
• बिना सुरक्षा के पीड़ित को उठाने या छूने से बचें।
• जरूरत हो तो दस्ताने, कपड़ा या अन्य सुरक्षा साधन प्रयोग करें।
बिजली, आग, गैस, ट्रैफिक आदि से बचाव
Danger चरण में संभावित खतरों को हटाना या उनसे दूरी बनाना जरूरी है:
• बिजली → करंट चालू हो तो पहले मेन स्विच बंद करें।
• आग/गैस → गैस लीकेज या आग की स्थिति में सुरक्षित दूरी रखें।
• ट्रैफिक → सड़क दुर्घटना में चेतावनी संकेत लगाएँ या लोगों से ट्रैफिक रोकने को कहें।
(B) Response – प्रतिक्रिया की जाँच

DRAB का दूसरा महत्वपूर्ण चरण Response (प्रतिक्रिया की जाँच) होता है। इस चरण में यह पता लगाया जाता है कि पीड़ित होश में है या बेहोश। सही प्रतिक्रिया जाँच से आगे के उपचार (Airway, Breathing, CPR) का निर्णय लिया जाता है।
पीड़ित से बात करके प्रतिक्रिया देखना
सबसे पहले पीड़ित से ऊँची लेकिन शांत आवाज़ में बात करें:
• “आप ठीक हैं?”
• “मेरा नाम सुन पा रहे हैं?”
यदि पीड़ित आँखें खोलता है, जवाब देता है या कोई हरकत करता है, तो समझा जाता है कि वह होश में है।
‎कंधा हिलाकर होश की जाँच
यदि आवाज़ देने पर कोई प्रतिक्रिया न मिले:
• पीड़ित के कंधे को हल्के से हिलाएँ।
• सिर या गर्दन को झटका न दें।
• एक साथ आवाज़ देकर प्रतिक्रिया देखने की कोशिश करें।
इससे यह पता चलता है कि पीड़ित अर्ध-बेहोशी या पूरी तरह बेहोशी की स्थिति में है।
‎बेहोशी की पहचान
‎पीड़ित को बेहोश माना जाता है जब:
• वह आवाज़ पर प्रतिक्रिया न दे।
• आँखें न खोले।
• शरीर में कोई हरकत न हो।
बेहोशी की स्थिति में तुरंत Airway (साँस का रास्ता) और Breathing (साँस) की जाँच शुरू करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर मदद बुलानी चाहिए।
(C) Airway – श्वास मार्ग खोलना
DRAB का तीसरा चरण Airway (श्वास मार्ग खोलना) होता है। यदि पीड़ित बेहोश है तो उसकी जीभ या किसी रुकावट के कारण श्वास मार्ग बंद हो सकता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है कि हवा फेफड़ों तक बिना बाधा पहुँच रही है।

मुँह और गले की जाँच
सबसे पहले पीड़ित के मुँह और गले को ध्यान से देखें:
• मुँह में उल्टी, खून या कोई वस्तु तो नहीं।
• जीभ पीछे की ओर गिरकर श्वास मार्ग को तो नहीं रोक रही
जाँच करते समय सिर और गर्दन को अनावश्यक रूप से हिलाने से बचें।
सिर पीछे झुकाकर एयरवे खोलना
यदि कोई गंभीर गर्दन की चोट न हो तो:
• एक हाथ से सिर को हल्का पीछे की ओर झुकाएँ।
• दूसरे हाथ से ठुड्डी (Chin) को ऊपर उठाएँ।
इस तकनीक से जीभ आगे आती है और श्वास मार्ग खुल जाता है।
रुकावट (उल्टी, खून, वस्तु) हटाना
यदि श्वास मार्ग में कोई रुकावट दिखाई दे:
• उँगली या कपड़े की सहायता से सावधानीपूर्वक हटाएँ।
• केवल वही वस्तु निकालें जो स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
• मुँह के अंदर उँगली गहराई तक न डालें।
‎(D) Breathing – साँस की जाँच

DRAB का चौथा और अंतिम चरण Breathing (साँस की जाँच) होता है। इस चरण में यह पता लगाया जाता है कि पीड़ित की साँस सामान्य रूप से चल रही है या नहीं। साँस की सही जाँच से यह निर्णय लिया जाता है कि CPR शुरू करनी है या नहीं।
‎साँस चल रही है या नहीं
‎Airway खोलने के बाद तुरंत देखें कि:
• छाती ऊपर-नीचे हो रही है या नहीं।
• साँस नियमित है या बहुत धीमी/असामान्य है।
सामान्य साँस न होना एक गंभीर स्थिति मानी जाती है।

‎“देखो–सुनो–महसूस करो” तकनीक
साँस जाँचने के लिए 10 सेकंड तक यह तकनीक अपनाएँ:
• देखो → छाती की हलचल।
• सुनो → नाक या मुँह से साँस की आवाज़।
• महसूस करो → अपने गाल पर साँस की हवा।
यदि 10 सेकंड में सामान्य साँस महसूस न हो, तो इसे साँस न चलना माना जाता है।
‎CPR की आवश्यकता का निर्णय
• साँस नहीं चल रही हो → तुरंत CPR शुरू करें।
• साँस चल रही हो लेकिन पीड़ित बेहोश हो → रिकवरी पोजीशन में रखें।
• CPR के साथ-साथ एम्बुलेंस बुलवाना अनिवार्य है।

‎DRAB के बाद के आवश्यक कदम


DRAB (Danger, Response, Airway, Breathing) प्राथमिक उपचार का वह शुरुआती क्रम है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि पीड़ित सुरक्षित है और उसकी साँस चल रही है। DRAB पूरा करने के बाद अगला सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है उचित सहायता पहुँचाना और जीवन रक्षक कदम जारी रखना, ताकि पीड़ित की स्थिति और बिगड़ने से रोकी जा सके।
एम्बुलेंस बुलाना
DRAB पूरा होते ही तुरंत एम्बुलेंस या इमरजेंसी हेल्पलाइन पर कॉल करें।

• पीड़ित की स्थिति स्पष्ट रूप से बताएं।
• स्थान की सही जानकारी दें।
• फोन तब तक न काटें जब तक निर्देश न मिलें।
पीड़ित को सही पोजीशन में रखना
पीड़ित की स्थिति के अनुसार सही पोजीशन बहुत जरूरी है:

• बेहोश लेकिन साँस चल रही हो → रिकवरी पोजीशन
• साँस नहीं चल रही हो → पीठ के बल सीधा लिटाएँ (CPR के लिए)
• चोट या ब्लीडिंग → घायल हिस्से को हिलाए बिना सहारा दें।
‎CPR और प्राथमिक उपचार जारी रखना
‎यदि पीड़ित की साँस या दिल की धड़कन बंद हो:

• तुरंत CPR शुरू करें।
• साँस चल रही हो तो प्राथमिक उपचार जारी रखें।
• खून बह रहा हो तो दबाव देकर रोकें।
• पीड़ित को अकेला न छोड़ें।

‎DRAB का उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है


DRAB एक प्राथमिक उपचार प्रक्रिया है, जिसका उपयोग अचानक उत्पन्न होने वाली आपातकालीन स्थितियों में किया जाता है। जब किसी व्यक्ति की जान खतरे में हो और तुरंत सहायता की आवश्यकता हो, तब DRAB के माध्यम से स्थिति का सही आकलन किया जाता है। यह प्रक्रिया खतरे की पहचान, पीड़ित की प्रतिक्रिया, श्वसन मार्ग और साँस लेने की जाँच पर आधारित होती है। नीचे विभिन्न परिस्थितियाँ दी गई हैं जिनमें DRAB का उपयोग किया जाता है।
सड़क दुर्घटना
सड़क दुर्घटना की स्थिति में DRAB का उपयोग करके सबसे पहले आसपास के खतरे को पहचाना जाता है। इसके बाद पीड़ित की प्रतिक्रिया, श्वसन मार्ग और साँस लेने की स्थिति की जाँच की जाती है, जिससे आगे का उपचार सुरक्षित रूप से किया जा सके।
बेहोशी
‎यदि कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए, तो DRAB प्रक्रिया द्वारा यह पता लगाया जाता है कि वह प्रतिक्रिया दे रहा है या नहीं और उसकी साँस चल रही है या नहीं। इससे स्थिति की गंभीरता का तुरंत आकलन किया जा सकता है।

‎दिल का दौरा
‎दिल के दौरे की स्थिति में व्यक्ति अचानक गिर सकता है या प्रतिक्रिया देना बंद कर सकता है। ऐसे समय DRAB के माध्यम से साँस और प्रतिक्रिया की जाँच कर तुरंत CPR या चिकित्सा सहायता के लिए कदम उठाए जाते हैं।

डूबना
‎डूबने की स्थिति में बाहर निकालने के बाद DRAB प्रक्रिया अपनाकर श्वसन मार्ग को साफ किया जाता है और साँस लेने की जाँच की जाती है, ताकि समय रहते जीवन रक्षक सहायता दी जा सके।

‎करंट लगना
‎करंट लगने की स्थिति में DRAB का उपयोग करते समय सबसे पहले खतरे को समाप्त करना आवश्यक होता है। इसके बाद पीड़ित की प्रतिक्रिया, श्वसन मार्ग और साँस की स्थिति की जाँच कर उपचार किया जाता है।

‎सावधानियाँ (Precautions)


प्राथमिक उपचार (First Aid) देते समय केवल जानकारी होना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि कुछ आवश्यक सावधानियों का पालन करना भी उतना ही जरूरी होता है। यदि उपचार बिना सोच-समझ या सुरक्षा के किया जाए, तो पीड़ित की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इसलिए प्राथमिक उपचार देते समय स्वयं की सुरक्षा, पीड़ित की स्थिति और सही निर्णय लेने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
‎बिना सुरक्षा के उपचार न करें
प्राथमिक उपचार देने से पहले यह सुनिश्चित करें कि स्थान सुरक्षित है। यदि आसपास बिजली, आग, गैस या यातायात का खतरा हो, तो बिना सुरक्षा के उपचार शुरू नहीं करना चाहिए। अपनी सुरक्षा के बिना किया गया उपचार सहायता करने वाले के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है।
‎गलत तरीके से पीड़ित को न हिलाएँ
दुर्घटना या बेहोशी की स्थिति में पीड़ित को बिना आवश्यकता हिलाना खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से सिर, गर्दन या रीढ़ की चोट की संभावना होने पर पीड़ित को गलत तरीके से हिलाने से गंभीर नुकसान हो सकता है। जब तक आवश्यक न हो, पीड़ित को उसी स्थिति में रहने दें।
‎जल्दबाजी में गलत निर्णय न लें
‎आपात स्थिति में घबराहट और जल्दबाजी गलत निर्णय का कारण बन सकती है। प्राथमिक उपचार देते समय शांत रहें और स्थिति को समझकर ही कोई कदम उठाएँ। सही क्रम और सही तरीके से लिया गया निर्णय पीड़ित के जीवन को बचाने में सहायक होता है।

FAQs — DRAB


1. DRAB का फुल फॉर्म क्या है?
DRAB का फुल फॉर्म है –
D – Danger, R – Response, A – Airway, B – Breathing

2. DRAB का उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है?
DRAB का उपयोग सड़क दुर्घटना, बेहोशी, दिल का दौरा, डूबना, करंट लगना और अचानक गिरने जैसी आपात स्थितियों में किया जाता है।

3. DRAB का पहला चरण Danger क्यों महत्वपूर्ण है?
Danger चरण यह सुनिश्चित करता है कि घटनास्थल सुरक्षित है। यदि स्थान सुरक्षित नहीं होगा तो मदद करने वाला भी खतरे में पड़ सकता है।

4. यदि पीड़ित प्रतिक्रिया नहीं देता तो क्या करना चाहिए?
यदि पीड़ित आवाज़ या कंधा हिलाने पर प्रतिक्रिया नहीं देता, तो उसे बेहोश माना जाता है और तुरंत Airway और Breathing की जाँच करनी चाहिए।

5. Airway क्यों बंद हो जाता है?
बेहोशी की स्थिति में जीभ पीछे गिर सकती है या उल्टी, खून, कोई वस्तु श्वास मार्ग को रोक सकती है, जिससे Airway बंद हो जाता है।

6. साँस की जाँच कैसे की जाती है?
साँस की जाँच “देखो–सुनो–महसूस करो” तकनीक से 10 सेकंड में की जाती है।

7. CPR कब शुरू करनी चाहिए?
जब पीड़ित की साँस नहीं चल रही हो या साँस असामान्य हो, तब तुरंत CPR शुरू करनी चाहिए और साथ में एम्बुलेंस बुलानी चाहिए।

8. यदि साँस चल रही हो लेकिन पीड़ित बेहोश हो तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में पीड़ित को रिकवरी पोजीशन में लिटाना चाहिए और लगातार उसकी साँस पर नजर रखनी चाहिए।

9. DRAB के बाद सबसे पहला जरूरी कदम क्या है?
DRAB के बाद सबसे पहला जरूरी कदम है एम्बुलेंस या इमरजेंसी हेल्पलाइन पर कॉल करना।

10. क्या DRAB हर व्यक्ति को सीखना चाहिए?
हाँ, DRAB एक बेसिक लाइफ-सेविंग तकनीक है। इसे हर व्यक्ति, छात्र, ड्राइवर, शिक्षक और आम नागरिक को सीखना चाहिए।

‎निष्कर्ष (Conclusion)

DRAB प्राथमिक उपचार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यवस्थित प्रक्रिया है, जो किसी आपातकालीन स्थिति में सही निर्णय लेने में सहायता करती है। इसके माध्यम से सबसे पहले सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है, फिर घायल व्यक्ति की प्रतिक्रिया, श्वासनली और साँस की जाँच की जाती है। DRAB के सही पालन से प्राथमिक उपचार अधिक प्रभावी बनता है और गंभीर परिस्थितियों में व्यक्ति की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को DRAB की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सही कदम उठाए जा सकें।
‎DRAB प्राथमिक चिकित्सा की रीढ़ है। ‎सही समय पर सही कदम से जीवन बचाया जा सकता है।

Call To Action


DRAB और प्राथमिक उपचार की सही जानकारी को आज ही समझें, सीखें और इसे दूसरों तक शेयर करें — क्योंकि सही समय पर सही कदम ही जीवन रक्षक होता है।
अन्य महत्वपूर्ण टॉपिक:

Post a Comment

0 Comments

Please do not enter any spam link in the comment box. All the comments are Reviewed by Admin.

Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top